तवा अभी ठंडा है, अभी कुछ पका नहीं सकते |
चल पड़ो तो, रास्ता बताती है, जिन्दगी |
देख लो इस जिन्दगी में गम बहुत भरा है |
बंज़र हो गयी जमीं, आसमानों को उतर आने दो |
गौर करो मुसाफिरों का, कैसे ये चलते हैं |
मकसद यूँ जिन्दगी का कोई बदलता नहीं |
राह में रोड़े यूँ, कोई अटकाता नहीं |
ज़माने में दुश्मनी, यूँ कोई निभाता नहीं |
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